
परिचय
• यह योजना वर्ष 2020-21 की बजट घोषणा की अनुपालना में दिनांक 19.11.2020 से राजस्थान के 5 जनजातीय जिलों प्रतापगढ, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर तथा बारां में लागू की गई थी।
• इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना की सफलता के आधार पर मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा वर्ष 2022-23 के बजट में योजना को राजस्थान के सभी 33 जिलों में लागू करने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार द्वारा इसे फ्लैगशिप स्कीम में शामिल किया हुआ है।
• यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) और चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की स्वास्थ्य प्रणाली का उपयोग करते हुए लागू की जाएगी।
उद्देश्य
• इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना का प्रमुख उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं और 3 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार लाकर जन्म के समय कम वज़न और दुर्बलता की घटनाओं को कम करना है।
• इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA-2013) के प्रावधानों की पालना के साथ-साथ राजस्थान सरकार की कुपोषण निवारण रणनीति 'सुपोषित राजस्थान - विजन 2022' का लक्ष्य पूरा करने के लिए सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार (Social and Behavior Change Communication- SBCC) रणनीति को अपनाना भी है।
शर्ते व किश्तें
• पहली किश्त- इंदिरा गाँधी मातृत्व पोषण योजना में लाभार्थी को गर्भावस्था जांच व पंजीकरण (ANC and Registration) होने पर रु. 1,000 राशि की पहली किश्त (अंतिम माहवारी तिथि से 120 दिनों के भीतर पंजीकरण होने पर) दी जाती है।
• दूसरी किश्त- कम से कम प्रसव पूर्व दो जांचें (ANC) पूरी होने पर रु.1,000 की राशि है। (गर्भावस्था के 6 महीने के भीतर) दूसरी किश्त के रूप में दी जाती है।
• तीसरी किश्त- लाभार्थी को निर्धारित संस्थान में संस्थागत प्रसव पर बच्चे का जन्म होने पर रु.1,000 राशि तीसरी किश्त के रूप में दी जाती है।
• चौथी किश्त - बच्चे के 3 माह (105 दिवस) की उम्र तक के सभी नियमित टीके जन्म से 120 दिवस में लग जाने व नवजात बच्चे का जन्म पंजीकरण होने पर (टीकाकरण के अंतर्गत बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी या इसके समकक्ष विकल्प की पहली खुराक मिलने पर) चौथी किश्त के रूप में रु. 2,000 की राशि दी जाती है।
• पांचवी किश्त -द्वितीय संतान के बाद दंपती द्वारा संतान जन्म के 3 माह के भीतर स्थाई परिवार नियोजन साधन अपनाए जाने अथवा महिला द्वारा कॉपर टी (PPIUCD) लगवाया जाने पर रु.1,000 की राशि पांचवी किश्त के रूप में दी जाती है।
• इस प्रकार इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजनान्तर्गत महिला लाभार्थियों को 6,000 रु. की राशि दी जाती है।
पात्र लाभार्थी
• योजना में 1 नवंबर 2020 एवं उसके बाद द्वितीय संतान हेतु गर्भवती महिलाएं पात्र हैं।यदि महिला निर्धारित तिथि एक अप्रैल 2022 से पूर्व गर्भवती है, तो निर्धारित तिथि एक अप्रैल 2022 एवं इसके बाद वह योजना की जिस किस्त के लिए पात्र होगी, उसे योजना की शर्तों के अनुसार उस किस्त के साथ आगे की सभी किस्तों के लिए पात्र माना जाएगा।
• गर्भवती व स्तनपान कराने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, आशा सहयोगिनी व साथिन भी पात्र होगे।
योजना के अंतर्गत वित्तीय प्रबंधन
• योजना के अंतर्गत वित्तीय प्रबंधन में लाभार्थी को नकद लाभ खान विभाग के अधीन राज्य स्तर पर निर्मित राज्य मिनरल फण्ड (SMF) से दी जाएगी। सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार (Social and Behavior Change Communication- SBCC) रणनीति हेतु भी इस कोष से राशि दी जायेगी।
• योजना हेतु प्रशासनिक व्यय की राशि व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को देय
कार्य प्रोत्साहन राशि राज्य सरकार द्वारा अन्य मद से दी जाएगी। इस योजना हेतु राशि इंदिरा महिला शक्ति निधि (प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी महिला शक्ति निधि) के अंतर्गत प्राविधित की जा सकेगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पर्यवेक्षण तंत्र
• महिला और बाल विकास विभाग योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक विभाग है। योजना के पर्यवेक्षण मूल्यांकन व समीक्षा के लिए तीन स्तरीय प्रगति समीक्षा तंत्र है।
• जिला स्तर:- जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में उपनिदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं (DD, ICDS) एवं जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ( CMHO ) की त्रैमासिक बैठक।
• ब्लॉक स्तर:-बाल विकास परियोजना अधिकारी, समेकित बाल विकास सेवाएं (CDPO) की अध्यक्षता में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (BCMO) की मासिक बैठक।
अन्य बिन्दु
• यह योजना पूर्णतया पेपरलेस है, जिसमें लाभार्थियों को कहीं आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
• स्वास्थ्य विभाग के पीसीटीएस सॉफ्टवेयर में दर्ज लाभार्थियों की जानकारी को विभाग के राजपोषण पोर्टल से ऑनलाइन सत्यापन उपरांत निर्धारित राशि सीधे लाभार्थी के जनाधार से जुड़े बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
