राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2022
राज्य में तीव्र स्थायी एवं सन्तुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने हेतु तथा राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019 को और अधिक व्यापक बनाने के लिए 7. अक्टूबर 2022 से यह योजना लागू की गई। इसकी अवधि 31 मार्च 2027 है।
उद्देश्य:-
• विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों का 15% की वार्षिक दर से विकास करना।• संतुलित और समावेशी क्षेत्रीय विकास।
• वर्ष 2027 तक 10 लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन।
• हरित हाइड्रोजन, वैकल्पिक ऊर्जा, चिकित्सा उपकरण आदि जैसे नवीन क्षेत्रों को अतिरिक्त प्रोत्साहन।
• पर्यावरण संरक्षण प्रयासो को प्रोत्साहित करता।
योजनान्तर्गत प्रावधान:-
• 8 प्राथमिक श्रेणियों को कस्टमाईज्ड परिलाभ
( 1 ) सनराईज क्षेत्र ( सूर्योदय क्षेत्र)
(2) msme
(3) स्टार्टअप
(4) औद्योगिक पार्क, रसद, भण्डारण और कोल्ड चैन
(5) Research & Development and test Labs
(6) अक्षय ऊर्जा संयंत्र
(7) विनिर्माण
(8) सेवाएं
• थ्रस्ट सैक्टर, सनराईज क्षेत्र, पिछडे क्षेत्रों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, महिला उद्यमियों को अतिरिक्त परिलाभ।
• MSME के लिए अन्य परिलाभो के अतिरिक्त ब्याज अनुदान।
• विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र में 50 करोड से अधिक निवेश पर प्रोत्साहन पैकेज।
• विद्युत शुल्क, मण्डी शुल्क, भूमि कर में 7 वर्षों के लिए शत प्रतिशत छूट।
• स्टाम्प डयूटी मे 75% छूट एवं 25% राशि का पुर्नभरण।
• रूपांतरण शुल्क मे शत प्रतिशत छूट।
राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019
• तीव्र, स्थायी एवं संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 17 Dec 2019 से लागू।• विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के उद्योगों में नवीन निवेश पर 7 वर्षो के लिए SGST का पुर्नभरण।
• SC/ST के उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है।

