राजस्थान विधानसभा प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियम 173 | Rajasthan Legislative Assembly Procedure and Conduct of Business Rule 173



चर्चा में क्यों?

हाल ही राजस्थान विधानसभा में 25 सितम्बर 2023 को 81 विधायकों द्वारा सामूहिक इस्तीफे दिये गये थे। जिसके सम्बन्ध में उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गयी थी।

जाने कैसे व किस नियम से, राजस्थान विधानसभा सदस्य सदन से अपना पद त्याग कर सकते है?


173 (1). राजस्थान विधानसभा प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम संख्या 173 के अनुसार जो विधानसभा सदस्य सदन से अपने स्थान का त्याग करना चाहता है, उसे अपने विचार की सूचना लिखित रूप में अपने हस्ताक्षर सहित विधानसभा अध्यक्ष को सम्बोधित करनी होती है।


173 (2). यदि विधानसभा सदस्य स्वयं अध्यक्ष को इस्तीफा (त्याग पत्र) देता है तथा उसे सूचित करता है कि यह वास्तविक तथा स्वैच्छिक है, उस स्थिति में अध्यक्ष को इसके विपरित कोई सूचना या ज्ञान नहीं है तो वह तुरन्त इस्तीफा (त्याग पत्र) स्वीकार कर सकता है।

173 (3). यदि कोई इस्तीफा (त्याग पत्र) अध्यक्ष को डाक या किसी के मार्फत प्राप्त होता है तो उस स्थिति में त्याग पत्र स्वैच्छिक है या वास्तविक है, इसकी जांच स्वयं/ विधानसभा सचिवालय की एजेन्सी/ अन्य कोई एजेन्सी जो अध्यक्ष को ठीक लगे, के द्वारा संक्षिप्त जांच करवा सकता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि यह पाया जाता है कि इस्तीफा (त्याग पत्र) वास्ताविक या स्वेच्छिक नहीं है. तो वह त्याग पत्र स्वीकार नहीं करेगा।

173 (4). विधानसभा का कोई भी सदस्य अपना त्याग पत्र अध्यक्ष द्वारा स्वीकार किये जाने से पूर्व वापस ले सकता है।

173 (5). विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा (त्याग पत्र) स्वीकार किये जाने के पश्चात् यथासम्भव शीघ्र इसकी सूचना सदन मे देता है कि विधानसभा सदस्य ने सदन से अपने स्थान का त्याग कर दिया है तथा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। यदि सदन सत्र मे नही है तो पुन: सदन की बैठक होने के तुरन्त पश्चात् सदन को सूचित करेगा।

173 (6). साथ ही इसकी सूचना विधानसभा सचिव विधानसभा समाचार और राजपत्र मे प्रकाशित करायेगा तथा अधिसूचना की एक प्रति निर्वाचन आयोग को भेजेगा, ताकि रिक्त स्थान की पूर्ति की कार्यवाही की जा सके।