चर्चा में क्यों?
वर्ष 2023 के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा 106 पद्म पुरस्कार प्रदान करने को मंजूरी दी गयी है। जिसके तहत 6 पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं हैं और सूची में विदेशियों / एनआरआई / पीआईओ / ओसीआई की श्रेणी के 2 व्यक्ति और 7 मरणोपरांत पुरस्कार पाने वाले शामिल हैं।
प्रमुख बिन्दु:-
• पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों- पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री के रूप में प्रदान किये जाते हैं। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुरस्कारों की घोषणा की जाती है।
• असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिये ‘पद्म विभूषण’, उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिये ‘पद्म भूषण’और किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिये ‘पद्म श्री’से सम्मानित किया जाता है।
• ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक समारोहों में प्रदान किये जाते हैं, जो आमतौर पर हर वर्ष मार्च/अप्रैल के आसपास राष्ट्रपति भवन में आयोजित किये जाते हैं।
• पद्म पुरस्कारों के लिए प्राप्त सभी नामांकन पद्म समिति के समक्ष रखे जाते हैं, जिसका गठन हर साल प्रधानमंत्री द्वारा किया जाता है। पद्म पुरस्कार समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं और इसमें गृह सचिव, राष्ट्रपति के सचिव और चार से छह प्रतिष्ठित व्यक्ति सदस्य के रूप में शामिल होते हैं।
पद्म पुरुस्कार 2023:-
पद्म विभूषण (6)
1. श्रीनिवास वर्धन संयुक्त राज्य अमेरिका से (विज्ञान और इंजीनियरिंग में)।
2. बालकृष्ण दोशी (मरणोपरांत) गुजरात से- (वास्तुकला में)।
3. जाकिर हुसैन महाराष्ट्र से (कला में)
4. एस एम कृष्णा कर्नाटक से (सार्वजनिक मामलों में)।
5. दिलीप महालनाबिस (मरणोपरांत) पश्चिम बंगाल से (दवा में)।
6. मुलायम सिंह यादव (मरणोपरांत) उत्तरप्रदेश से (सार्वजनिक
मामलों में)
पद्म भूषण (9)
1. एस एल भैरप्पा को साहित्य और शिक्षा में (कर्नाटक)।
2. कुमार मंगलम बिड़ला को व्यापार और उद्योग में (महाराष्ट्र)।
3. दीपक धर को विज्ञान और इंजीनियरिंग में (महाराष्ट्र)।
4. वाणी जयराम को कला में (तमिलनाडु)।
5. स्वामी चिन्ना जीयर को अध्यात्मवाद में (तेलंगाना)।
6. सुमन कल्याणपुर को कला में (महाराष्ट्र)।
7. कपिल कपूर को साहित्य और शिक्षा में (दिल्ली)।
8. सुधा मूर्ति को सामाजिक कार्य में (कर्नाटक)।
9. कमलेश डी पटेल को अध्यात्मवाद में (तेलंगाना)
पद्म पुरस्कार 2023 से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न:-
• पद्म विभूषण प्राप्तकर्ता बालकृष्ण दोषी वास्तुकला के क्षेत्र में प्रसिद्ध व्यक्ति हैं। यह वर्ष 2017 में प्रित्जर पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने थे। इसके अतिरिक्त इन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
• मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन तबला वादक उस्ताद अल्ला रखा खान के बेटे हैं | भारत सरकार द्वारा इन्हें 1981 में पद्मश्री 2002 में पद्म भूषण भी मिल चुका है।
• S.M. कृष्णा वर्ष 1999 से वर्ष 2004 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे एवं इसके अतिरिक्त वर्ष 2004 से वर्ष 2008 तक महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे थे। उसके बाद वर्ष 2009 में भारत के विदेश मंत्री भी बने।
• दिलीप महालनाबिस (ORS खोजकर्ता) बाल रोग विशेषज्ञ थे, जिन्हें डायरिया संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अग्रणी माना जाता था, का हाल ही अक्टूबर 2022 में निधन हो गया था।
• श्रीनिवास बर्दवान भारतीय-अमेरिकी गणितज्ञ हैं, जिन्हें संभाव्यता सिद्धांत में अपने मौलिक योगदान के लिए जाना जाता है |
• मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के संस्थापक थे।
• एसएल भायरप्पा कन्नड़ भाषा के प्रख्यात साहित्यकार हैं और इन्हें वर्ष 1975 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और 2016 में पद्मश्री पुरस्कार मिल चुका है |
• कुमार मंगलम बिरला आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमैन हैं एवं बिट्स पिलानी के कुलाधिपति भी हैं।
• वाणी जयराम गायिका हैं और यह दक्षिण भारत के सिनेमा में एक पार्श्व गायिका के रूप में जानी जाती हैं | वाणी जयराम को “आधुनिक भारत की मीरा” भी कहा जाता है | यह तमिलनाडु राज्य से संबंधित है |
• सुधा मूर्ति इंफोसिस (Infosys) की अध्यक्ष हैं। इन्हें समाज सेवा के लिए 2006 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
किसान चेरुवायल के. रमन:- केरल के वायनाड जिले के 72 वर्षीय चेरुवायल देसी धान के संरक्षक हैं। इन्हें 2013 में 'जीनोम सेवियर अवॉर्ड मिला था।
वदिवेल गोपाल और मासी:- यह तमिलनाडु के रहने वाले हैं। सांप पकड़ने के कौशल और प्रशिक्षण का प्रसार करने के लिए जाना जाता है। ग्लोबल स्नेक एक्सपर्ट हैं।
खादर वल्ली दुदेकुला:- कर्नाटक के खादर वल्ली दुदेकुला 'मिलेट मैन ऑफ इंडिया' के रूप में प्रसिद्ध हैं। बाजरा के पांच प्रकारों को बचाने का श्रेय
डॉक्टर रतन चंद्र कार:- 1998-99 में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में खसरा महामारी फैलने पर जारवा जनजातियों को बचाने का काम किया।
राधा चरण गुप्ताः- उत्तर प्रदेश के राधा चरण गुप्ता वयोवृद्ध गणितज्ञ हैं। इन्हें भारत में गणित के इतिहास पर रिसर्च के लिए जाना जाता है। खासतौर से ट्रिग्नोमेट्री के लिए।
नलिनी पार्थसारथी:- पुडुचेरी की बाल रोग विशेषज्ञ नलिनी हीमोफिलिया पर अपने काम के लिए प्रसिद्ध हैं।
डॉ. पसुपुलेटी हनुमंत रावः- तेलंगाना के हैं। चार दशकों से दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास के लिए काम कर रहे हैं।
• राजस्थान से सम्बंधित 4 लोगो को पद्म श्री सम्मान प्रदान किया जायेगा। राकेश झुनझुनवाला को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जायेगा। यह राजस्थान के झुंझुनूं से है। जयपुर के गजल गायक उस्ताद अहमद हुसैन, उस्ताद मोहम्मद हुसैन को सँयुक्त रूप से व समाजसेवा में जयपुर के लक्ष्मण सिंह (जल संरक्षण सम्बन्धी कार्य) औऱ डूंगरपुर के मूलचंद लोढ़ा (मोतियाबिंद के निःशुल्क ऑपेरशन) को पद्म श्री देने की घोषणा की गई है।
