राजस्थान सुजस सार माह जनवरी 2023 | Summary of Rajasthan Sujas Month January, 2023



माही महोत्सव 7 जनवरी से 9 जनवरी 2023 को बाँसवाड़ा में मनाया गया।

• राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 से 21 दिसंबर 2022 तक पांच दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन जवाहर कला केंद्र जयपुर में किया गया। प्रदर्शनी की थीम "जनसेवा, सबका सम्मान, आगे बढ़ता राजस्थान" रखी गयी।

• राज्य सरकार द्वारा बजट वर्ष 2022-23 में ईआरसीपी के लिए 9600 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया था।

पहचान पोर्टल क्या है? - राजस्थान में जन्म, मृत्यु व विवाह पंजीकरण के लिए एकीकृत पोर्टल।

राजस्थान राज्य महिला नीति है :- 2021

मुख्यमंत्री लघु वाणिज्यिक वाहन स्वरोजगार योजना क्या है:- योजना 11 अक्टूबर 2022 को प्रारम्भ की गई। इस योजना के तहत 18 से 45 वर्ष के युवाओं को 15 लाख रुपये तक के लघु वाणिज्यिक वाहन खरीदने पर राज्य सरकार द्वारा 60 हजार रुपये या वाहन की ऑन रोड कीमत का 10 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान दिया जाता है।

• राज्यसभा, लोकसभा और देश के विभिन्न राज्यों के विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों व सचिवों का सम्मेलन 10 से 13 जनवरी तक राजस्थान विधानसभा में आयोजित किया गया।

• 11 और 12 जनवरी 2023 को 83वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) जयपुर में आयोजित हुआ। इससे पूर्व जयपुर में सम्मेलन 1957, 1978 व 2011 में किया गया। इसकी शुरुआत वर्ष 1921 से प्रारम्भ हुई थी। इसके साथ ही 10 जनवरी को विधानसभाओं के सचिवों का 59वां सम्मेलन भी आयोजित किया गया।

• राजस्थान के पाली जिले के रोहट तहसील के निम्बली गांव में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय स्काउट एवं गाइड जम्बूरी का उद्घाटन किया। यह राजस्थान में दूसरी बार आयोजित की गई है। इससे पूर्व 1956 में पहली बार जयपुर में आयोजित की गई थी। वर्ष 1953 में जम्बूरी का पहली बार आयोजन किया गया था। पहली बार सी स्काउट्स ने जम्बूरी में भाग लिया 

• राजस्थान सरकार का दो दिवसीय चिंतन शिविर 16 से 17 जनवरी 2023 को जयपुर में आयोजित किया गया। इसमे राइट टू सोशल सेक्युरिटी का प्रस्ताव पारित किया गया। शिविर में 21 घंटे तक 28 विभागों ने अपने कामकाज का लेखा जोखा प्रस्तुत किया।

• ट्राइफेड भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में जनजातिय क्षेत्र विकास विभाग को वन धन योजना भविष्य हेतु सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में प्रथम तथा सर्वाधिक मूल्य वर्धित श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय पुरुस्कार प्राप्त हुआ।

• वन विभाग द्वारा राज्य में इमारती लकड़ी, बांस एवं लघु वन उपज के उत्पादन में वृद्धि हेतु राजस्थान राज्य वन विकास निगम का गठन किया गया। वन विभाग द्वारा जयपुर में ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग पार्क बनाया जा रहा है।

• राजस्थान सरकार द्वारा मई 2022 से त्रिस्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे माह के प्रथम गुरुवार को ग्राम पंचायत, दिव्तीय गुरुवार को उपखंड व तृतीय गुरुवार को जिला स्तरीय जन सुनवाई के आयोजन किया जा रहा है।

राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति में अध्यक्ष के साथ लोकसभा या राज्यसभा में से राज्य सरकार द्वारा मनोनीत एक सदस्य, राज्य सरकार द्वारा मनोनीत 2 विधानसभा सदस्य, राज्य सरकार द्वारा मनोनीत एक जिला प्रमुख (सदस्य), सदस्य के रूप में अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रमुख शासन सचिव या शासन सचिव जन अभियोग निराकरण विभाग, सदस्य सचिव के रूप में निदेशक, लोक सेवाएं एवं पदेन संयुक्त शासन सचिव जन अभियोग निराकरण विभाग, राज्य सरकार द्वारा मनोनीत प्रतिष्ठित सामाजिक व्यक्ति 07 (प्रत्येक संभाग से एक व्यक्ति), अनुसूचित जाति का एक व्यक्ति, अनुसूचित जनजाति का एक व्यक्ति, एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता, अल्पसंख्यक श्रेणी का एक व्यक्ति, अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी का राज्य सरकार द्वारा मनोनीत एक व्यक्ति इस समिति के सदस्य हैं। मनोनीत सदस्यों को समिति से संबंधित कार्यों के संपादन के लिए संभाग का आवंटन किया गया है। 14 अक्टूबर 2022 को राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई।

• राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी एवं जवाबदेही विधेयक-2022।

• राजभवन जयपुर में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा संविधान पार्क का लोकार्पण 3 जनवरी 2023 को किया गया।

• पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन बीकानेर  द्वारा 3 दिवसीय 29वां अन्तराष्ट्रीय ऊंट उत्सव 13 से 15 जनवरी 2023 को बीकानेर में आयोजित किया गया। पहली बार इसकी शुरुआत बीकानेर कार्निवल से हुई।

• राजस्थान सरकार के निर्णयों, कार्यक्रमों और योजनाओं की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध करवाने के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सुजस ऐप तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जयपुर में आयोजित हुई राज्य स्तरीय विकास प्रदर्शनी के शुभारंभ के मौके पर इस ऐप को लॉन्च किया था। इस ऐप पर सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रतिदिन जारी किये जाने वाले ई-बुलेटिन, वीडियो बुलेटिन, सुजस आवाज (न्यूज पॉडकास्ट) के साथ-साथ विभाग द्वारा प्रकाशित किये जाने वाले विज्ञापन, पोस्टर, सुजस मासिक पत्रिका, जिला दर्शन एवं अन्य संदर्भ सामग्री भी इस ऐप पर उपलब्ध है।

• आयोजना विभाग द्वारा माह जून 2022 में जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत डूंगरपुर जिले की बेटियां सर्वाधिक लाभांवित हुई है।

• जोधपुर के रावण का चबूतरा मैदान में जिला प्रशासन, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, रीको तथा नोडल एजेंसी मरुधरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में 6 से 15 जनवरी 2023 तक 33वां पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव आयोजित किया गया। यह उत्सव 'विकासशील राजस्थान उद्यमशील राजस्थान' की मुख्य थीम पर केन्द्रित था। यह जोधपुर में 33 साल पहले सूचना केंद्र में शुरू हुआ था।

• राजस्थान की 40 फीसदी भूमि दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारे (DMIC) के अंतर्गत आती है।

• एमएसएमई नीति 2022 का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को वित्तीय एवं तकनीकी सहायता तथा सुविधाजनक नियामकीय माहौल उपलब्ध कराकर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद और निर्यात में उनके योगदान को बढ़ाना है। नीति का लक्ष्य कुल 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से 20,000 नई एमएसएमई इकाइयों की स्थापना और एक लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा करना है। इस नीति के तहत 9,000 एमएसएमई को जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट (जेड) प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इस पॉलिसी की अवधि पांच साल होगी। राजस्थान सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और ए-वन स्टॉप ऐप फैसिलिटी- राजनिवेश विकसित की है, जो एमएसएमई निवेशकों को नियामकीय मंजूरी और राजकोषीय प्रोत्साहन हासिल करने में मदद देगी। औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए राजस्थान सरकार ने राजस्थान इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (आरआईएसएफ) की स्थापना का प्रस्ताव रखा है।

मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के तहत 10 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 5 से 8 फीसदी तक की ब्याज सब्सिडी मुहैया कराई जाती है।

• राज्य सरकार ने सम्पूर्ण राजस्थान में 147 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सलारपुर, ग्रेटर भिवाड़ी और बोरानाड़ा (जोधपुर) में बहुमंजिला औद्योगिक कॉम्पलेक्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

• राजस्थान निवेश प्रोत्साहन नीति (रिप्स) 2019 के तहत इंडियन इंस्टीटूट ऑफ साइंस और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जैसे प्रीमियर संस्थानों से एडवांस तकनीक हासिल करने पर आने वाली लागत का 50 फीसदी रीइंबर्स कर रही है। जबकि किसी एक इकाई को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की राशि ही दी जा सकती है।

एमएसएमई का वर्गीकरण:-

• प्लांट एवं मशीनरी पर एक करोड़ रुपये तक के निवेश एवं 5 करोड़ रुपये तक के सालाना कारोबार (Turn over) वाली इकाइयों को सूक्ष्म इकाई माना जाता है।

• प्लांट एवं मशीनरी पर 10 करोड़ रुपये तक के निवेश और 50 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाइयां लघु इकाई की श्रेणी में आती हैं।

• प्लांट एवं मशीनरी पर 50 करोड़ रुपये तक के निवेश और 250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाइयां मध्यम इकाइयों की श्रेणी में आती हैं।

राजस्थान हस्तशिल्प नीति 2022


• राजस्थान में लगभग 6 लाख हस्तशिल्पी हैं। राज्य से वर्ष 2020- 21 में 6205.32 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प का निर्यात हुआ है।

• वर्ल्ड क्राफ्ट काउन्सिल द्वारा हस्तशिल्प कार्यों के लिए जयपुर शहर को 'वर्ल्ड क्राफ्ट सिटी' घोषित किया गया है।

• राज्य सरकार ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना- 2019 में हैण्डीक्राफ्ट सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर में शामिल किया है।

• राज्य सरकार ने 17 सितंबर, 2022 को प्रदेश की पहली हर नीति जारी की। यह नीति 31 मार्च, 2026 तक प्रभावी रहेगी।

हस्तशिल्प नीति का प्रमुख उद्देश्य

• राज्य के हस्तशिल्पियों के आर्थिक उत्थान एवं विकास तथा उनके उत्पादों के लिए बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था करना और उन्हें सशक्त बनाते हुए उनकी राज्य के विकास में भागीदारी सुनिश्चित करना है।

• राज्य के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को निर्यात योग्य बनाना एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना व निर्यात में राज्य की भागीदारी बढ़ाना है।

• विलुप्त होती परम्परागत हस्तकलाओं को पुनर्जीवित करना ।

• हस्तशिल्प के क्षेत्र में आगामी 5 वर्षों में 50,000 नये रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना ।

हस्तशिल्प नीति के प्रमुख प्रावधान:-


ब्रांडिंग : वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट

राज्य के प्रत्येक जिले में एक जिला - एक उत्पाद (One District One Product ) योजना के अन्तर्गत कम-से-कम एक हस्तशिल्प उत्पाद को चिह्नित कर प्रोत्साहित किया जायेगा।

• उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधीन हस्तशिल्प एवं हथकरघा निदेशालय की स्थापना की जाएगी।

• हस्तशिल्प डिजाइन विकास, कौशल विकास एवं तकनीकी उन्नयन के उद्देश्य से जोधपुर में हैण्डीक्राफ्ट डिजाइन सेन्टर स्थापित किया जाएगा। इस सेन्टर को हस्तशिल्पियों के लिए उत्कृष्टता केन्द्र (Centre of Excellence ) के रूप में विकसित किया जायेगा।

• रीको द्वारा हैण्डीक्राफ्ट पार्क विकसित किये जाएंगे।

• उद्यम प्रोत्साहन संस्थान के राजस्थान हाट, जलमहल, जयपुर में राज्यस्तरीय हस्तशिल्प म्यूजियम स्थापित कराने की व्यवस्था की जायेगी। इसके अतिरिक्त राज्य के अन्य 13 जिलों में स्थित शहरी एवं ग्रामीण हाटों यथा अजमेर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, नाथद्वारा (राजसमन्द), चित्तौड़गढ़, कोटा, सीकर, दौसा, भरतपुर एवं झुन्झुनूं में लघु हस्तशिल्प म्यूजियम स्थापित किये जाएंगे।

• राज्य के दस्तकारों एवं बुनकरों के क्लस्टर्स के लिए कॉमन फैसिलिटी सेन्टर्स स्थापित करने के लिए रीको औद्योगिक क्षेत्रों में 5,000 वर्ग मीटर तक के भूखंड 31 वर्ष की लीज पर रियायती दर पर उपलब्ध करवाये जायेंगे।

• दस्तकारों को तीन लाख रुपये तक के ऋण पर शत-प्रतिशत ब्याज राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा ।

•  प्रत्येक वर्ष दिसम्बर माह में राष्ट्रीय स्तर के हस्तशिल्प सप्ताह का आयोजन राजस्थान हाट, जयपुर में किया जायेगा।

• हस्तशिल्प सप्ताह के अवसर पर राज्य स्तरीय पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ महिला हस्तशिल्पी, सर्वश्रेष्ठ युवा हस्तशिल्पी (35 वर्ष की आयु तक ), विलुप्त होती परम्परागत हस्तकलाओं में विशेष योगदान देने वाले दस्तकार और हस्तशिल्प निर्यात क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले निर्यातक श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे।

• अक्टूबर 2022 में आयोजित इन्वेस्ट राजस्थान समिट में लगभग 11 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए है। जिनमे से 49 प्रतिशत एमओयू का क्रियान्वयन हो रहा है।

जन सूचना पोर्टल 2019

सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 की मंशा को साकार करने एवं शासन और प्रशासन को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए के लिए 13 सितम्बर, 2019 को जन सूचना पोर्टल प्रारम्भ किया गया।

• जन सूचना पोर्टल का उद्देश्य सोशल ऑडिट के साथ-साथ आम-जन को आसानी से सुविधा उपलब्ध करवाना है।

• वर्ष 2019 में जन सूचना पोर्टल पर 13 विभागों की 23 योजनाओं की जानकारियां उपलब्ध थी। वर्तमान में मुहैया सूचना पोर्टल पर 115 विभागों की 332 योजनाओं की 691 तरह की जानकारियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

•  जनसूचना पोर्टल-2019 अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयास है जिसमें सरकार द्वारा वार्ड / पंचायत में क्रियान्वित सभी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध करवाई जा रही है।

• यह सूचना के अधिकार, 2005 की धारा 4 (2) को क्रियान्वित करता है जिसमें उल्लेखित है कि “प्रत्येक लोक अधिकारी का निरंतर यह प्रयास होगा कि वह उपधारा (1) के खंड (ख) की अपेक्षाओं के अनुसार, स्वप्रेरणा से, जनता को नियमित अन्तरालों पर सूचना के विभिन्न साधनों के माध्यम से, जिनके अन्तर्गत इंटरनेट भी है, इतनी अधिक सूचना उपलब्ध कराने के लिए उपाय करें जिससे कि जनता को सूचना प्राप्त करने के लिये इस अधिनियम का कम से कम अविलंब लेना पडे."।

• राज्य सरकार द्वारा सितम्बर, 2019 में देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंती पर राजस्थान इनोवेशन विजन (राजीव) की शुरुआत की गयी।

• बजट 2019-2020 के बिन्दु संख्या 180 के अनुसार 'लोक सेवकों की जवाबदेही के लिए 'सार्वजनिक जबाबदेही कानून' लाया जायेगा, जो समस्त विभागों, प्राधिकरणों व निगमों पर लागू होगा। "जन-सूचना पोर्टल - 2019" के द्वारा भी उसी कानून के तहत निष्पक्ष सूचनाएं आम जन को चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

• जन सूचना पोर्टल के माध्यम से तमाम जरूरी सूचनाएं जन-जन तक पहुंचाने जैसी अभिनव पहल करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।

स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर केसरी सिंह बारहठ


•  स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर केसरी सिंह बारहठ की 150 वीं जयंती पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भीलवाड़ा के शाहपुरा में पेनोरमा निर्माण के लिए 4 करोड रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की हैं।

•  ठाकुर केसरी सिंह बारहठ की 150वीं जयन्ती महोत्सव पर 'बारहठ सप्ताह' मनाया गया।

• ठाकुर केसरी सिंह बारहठ का जन्म 21 नवंबर 1872 को शाहपुरा रियासत के देवखेड़ा नामक गांव में एक चारण समाज के परिवार में हुआ ।

• वर्ष 1930 में मेवाड़ के महाराणा फतेह सिंह को वायसराय लार्ड कर्जन द्वारा दिल्ली दरबार में बुलाई गई बैठक में भाग लेने से रोकने के उद्देश्य से उन्होंने 'चेतावनी रा चुंगटा' नामक 13 सोरठों की रचना की।

• वर्ष 1910 में उन्होंने बीर भारत सभा की स्थापना की।

• सन 1912 में राजपूताना में ब्रिटिश सरकार द्वारा जिन क्रांतिकारियों की निगरानी रखी जानी थी उनमें केसरी सिंह का नाम राष्ट्रीय- अभिलेखागार की सूची में सबसे ऊपर था।

• केसरी सिंह को 2 मार्च 1924 को शाहपुरा के राजा नाहर सिंह के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया गया और प्यारेलाल नामक एक साधु की हत्या और दिल्ली- लाहौर षड्यंत्र केस में राजद्रोह, षड्यंत्र व कत्ल आदि के आरोप लगाए गए। केसरी जी को 20 वर्ष के कारावास की सजा दी गई और बिहार के हजारीबाग जेल में डाल दिया गया।
• उनके भाई जोरावर सिंह और पुत्र कुंवर प्रताप सिंह बारहठ ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थें।

• कारावास के समय उन्होंने अपनी एक नई मिश्रित सैन्य कला विकसित कर ली थी, जिसे 'चमवाई' कहते हैं। यह सैन्य कला इटली की स्वाट टीमें धुंए से भरे घरों में घुसने के लिए किया करती हैं।

• हाल में सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार ने देश के 80 गांवों को 'मेरा गांव मेरी धरोहर' घोषित किया है, जिसमें राजस्थान के 6 गांवों में देवखेड़ा को शामिल किया है जो एकमात्र क्रांतिकारियों का गांव है।

 

देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन योजना


• राजस्थान में अति पिछड़ा वर्ग (MBC) की बालिकाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इस योजना का शुभारंभ किया गया।

•  इस योजना द्वारा प्रदेश के वंचित वर्ग की छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में मुख्य धारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

• इस योजना का उद्देश्य अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं (सीनियर सेकंडरी) कक्षा की परीक्षा तथा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नातक, स्नातकोत्तर की परीक्षाओं में अधिक से अधिक अंक लाने के लिए प्रोत्साहित करना, उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना, उच्च अध्ययन हेतु आकर्षित करना और उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।

• योजना का लाभ प्राप्त के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना आवश्यक है। साथ ही माता-पिता अथवा अभिभावक की सभी स्रोतों से प्राप्त वार्षिक आय 2,50,000 रुपये से कम होनी चाहिए ।

• इस योजना का लाभ अति पिछड़ा वर्ग की सभी अविवाहित, विवाहित, विधवा तथा परित्यक्ता छात्राओं को देय होगा।

• इस योजना के अन्तर्गत अति पिछड़े वर्ग की वे छात्राएं जिन्होंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं (सीनियर सेकंडरी) परीक्षा में 50 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं और वे राजस्थान स्थित राजकीय महाविद्यालयों, राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में स्नातक डिग्री प्रथम वर्ष में प्रवेश लेकर नियमित अध्ययनरत हैं, उन्हें 1,500 स्कूटी वरीयता के आधार पर निःशुल्क वितरित की जाती हैं। शेष छात्राओं को प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की जाएगी।

• प्रतिवर्ष 1,500 के निर्धारित लक्ष्य के अलावा 1,500वीं छात्रा के प्राप्तांक के समान कटऑफ प्राप्तांक वाली छात्राओं को भी स्कूटी स्वीकृत कर निःशुल्क वितरित की जाती है।

• स्कूटी वितरण के साथ 1 वर्ष का बीमा, 2 लीटर पेट्रोल तथा छात्रा को सुपुर्द करने तक का परिवहन व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

• अति पिछड़ा वर्ग की वे छात्राएं जो राज्य के राजकीय विद्यालयों, राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में नियमित अध्ययनरत हैं, उनके द्वारा 12वीं या स्नातक में पूर्णतया 50 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने पर 10,000 रुपये वार्षिक, स्नातकोत्तर प्रथम में 20,000 रुपये वार्षिक तथा स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में पूर्णतया 50 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने पर स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष में 20,000 रुपये वार्षिक प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिये जाते हैं।

•  मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की बजट घोषणा वर्ष 2022 तक इसके अनुसार देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना के अन्तर्गत 1,500 स्कूटी से बढ़ाकर 2,463 स्कूटी प्रतिवर्ष वितरण की जाएंगी।

पालनहार योजना


• पालनहार योजना में अनाथ बच्चों के पालन पोषण, शिक्षा - आदि की व्यवस्था संस्थागत नहीं की जाकर समाज के भीतर ही निकटतम रिश्तेदार या परिचित व्यक्तियों के द्वारा की जाती है। इसके लिए राज्य सरकार उन्हें मासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।

• राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के 18 वर्ष तक के अनाथ बालक, बालिकाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास को सुनिश्चित करवाने के लिए चलाई जा रही है।


• इस योजना का नोडल विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग है।


• इसके अन्तर्गत अनाथ बालक और बालिकाओं की देखभाल करने वाले को पालनहार कहा गया है। इसमें पात्र को पालनहार परिवार उनको माना गया है जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो तथा वे आवेदन की तिथि से कम से कम 3 वर्षो की अवधि से राजस्थान में रह रहे हों।


• पालनहार योजना में आर्थिक सहायता राशि अनाथ श्रेणी व अन्य श्रेणी के उन बच्चों को दी जाती है जिनकी अधिकतम आयु 18 वर्ष से कम हो।


• राज्य सरकार ने पालनहार योजना में 6 वर्ष तक की आयु वर्ग के अनाथ बच्चों को मिलने वाली सहायता राशि 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1,500 रुपये एवं 6-18 आयु वर्ग के अनाथ बच्चों के लिए 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह कर दी है।


• इसके साथ अन्य श्रेणी के 0-6 वर्ष तक की आयु के बच्चे को 500 रुपये प्रतिमाह व 6 - 18 वर्ष तक की आयु के बच्चे को 1,000 रुपये प्रतिमाह देय है।


• इसके अलावा वस्त्र, स्वेटर, जूते आदि खर्च के लिए 2,000 रुपये वार्षिक अतिरिक्त एकमुश्त सहायता भी राज्य सरकार द्वारा दी जाती है।


• योजना के अन्तर्गत अनाथ बच्चे, न्यायिक प्रक्रिया से मृत्युदंड या आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे, निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा माता के बच्चे, पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे, एचआईवी या एड्स पीड़ित माता-पिता के बच्चे, कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, नाते जाने वाली माता के बच्चे, विशेष योग्यजन माता-पिता के बच्चे, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला के बच्चे, सिलिकोसिस पीड़ित माता-पिता के बच्चों को सहायता प्रदान की जाती है।

राजस्थान जन आधार योजना 2019

• मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बजट घोषणा 2019-20  की अनुपालना में विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सरलता, सुगमता एवं पारदर्शी रूप से आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न सेवा प्रदायगी माध्यमों को कम कर 'एक नम्बर, एक कार्ड, एक पहचान' की विचारधारा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तथा राज्य की संपूर्ण सेवा प्रदायगी तंत्र को एकीकृत कर केवल एक माध्यम से निवासियों तक पहुंचाने हेतु "राजस्थान जन-आधार योजना, 2019" का आयोजना विभाग द्वारा 18 दिसंबर, 2019 से शुभारम्भ किया गया।

• इस योजना द्वारा राज्य के निवासी परिवारों की जनसांख्यिकीय एवं सामाजिक- आर्थिक सूचनाओं का डेटा बेस तैयार कर प्रत्येक परिवार को "एक नम्बर, एक कार्ड, एक पहचान" प्रदान किया जाना है।

• भारत सरकार के परिपत्र दिनांक 9 मई, 2020 के द्वारा जन आधार कार्ड को परिवार एवं उसके सदस्यों की पहचान, पते तथा संबंध के दस्तावेज के रूप में मान्यता प्रदान करते हुए सूचीबद्ध किया गया है।

• विभिन्न योजनाओं के लाभ प्राप्ति के समय आधार अधिप्रमाणन को लाभार्थी के जीवित प्रमाण पत्र के रूप में मान्यता दी गयी है।

• राजस्थान जन आधार कार्ड  के लिए आवेदन केवल वे ही लोग कर सकते हैं जो 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं।

• राज्य के सभी निवासी परिवार पंजीयन कराने व जन-आधार कार्ड प्राप्त करने हेतु पात्र हैं।

• नामांकित प्रत्येक परिवार को एक 10 अंकीय परिवार पहचान संख्या एवं मुखिया सहित प्रत्येक सदस्य को 11 अंकीय व्यक्तिगत पहचान संख्या युक्त एक बारीय जन आधार कार्ड निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है।

• परिवार द्वारा निर्धारित 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला को परिवार की मुखिया बनाया जाएगा। यदि परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला नहीं है तो 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुरुष मुखिया हो सकता है। यदि परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला और 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुरुष भी नहीं हो तो परिवार में अधिकतम आयु का कोई भी सदस्य, परिवार का मुखिया होगा।


• 1 मई, 2022 से राज्य में जन आधार कार्ड को ही राशन कार्ड घोषित कर दिया गया है।


शेरगढ़ का किला, बारां।

• शेरगढ़ का किला बारां जिले में कोषवर्धन पर्वत पर बना हुआ है। यह एक जल दुर्ग है जो परवन नदी से घिरा है। किले के पास रानी पोखरा नाम का एक तालाब है।