Initiative of Information Technology Department of Rajasthan | राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की पहल | Important Questions of Rajasthan IT

राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने ई-गवर्नेंस के माध्यम से लोगो को जो सुविधाएं प्रदान कर रही है, उनसे राज्य के सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यो को गति मिली है। सूचना तकनीक के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने प्रदेश की अधिकतर नागरिक सेवाओ को सूचना तकनीक के माध्यम से त्वरित रूप से प्रदान की है।

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किये जा रहे ऐसे ही कुछ कार्यो की जानकारी दी जा रही है:-


    1. जन कल्याण पोर्टल क्या है?

    • राजस्थान सरकार ने सुशासन को बढ़ावा देने के लिए दिनांक 18 दिसम्बर 2020 को जन कल्याण पोर्टल (पब्लिक वेलफेयर पोर्टल) लांच किया।

    • इसका उद्देश्य प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा  जनहित में चलाई जा रही सभी योजनाओं, कार्यक्रमों, नीतियों और दस्तावेजों को एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाना है ताकि ज्यादा से ज्यादा आमजन इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके।

    • जन कल्याण पोर्टल (www.jankalyan.rajasthan.gov.in) के माध्यम से आमजन किसी भी योजना के बारे में, योजना की शर्तें, पात्रता, आवेदन कैसे करें या किस वेबसाइट के माध्यम से करें आदि की समस्त जानकारी उपलब्ध करवायी जा रही है।

    2. राज किसान साथी पोर्टल क्या है?

    • राज किसान साथी पोर्टल की शुरुआत किसानों को विभिन्न सुविधाएं एवं सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाने के लिए की गई है।

    • पोर्टल पर कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विपणन एवं पशुपालन विभाग के बारे में विस्तृत जानकारी एवं सेवाएं उपलब्ध है।

    • किसानों के लिए ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग की तर्ज पर विभिन्न ऑनलाइन सुविधाएं विकसित की जा रही है।

    3. राज निवेश पोर्टल क्या है?

    • राजस्थान सरकार प्रदेश में निवेश को सुगम बनाने के लिए रिप्स 2019 पालिसी लागू की गयी।

    • प्रदेश में निवेश के लिए स्वीकृतियां प्राप्त करने में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए वन स्टॉप सुविधा प्रारम्भ की गयी।

    • वन स्टॉप शॉप के तहत एक ही छत के नीचे समयबद्ध तरीके से प्रस्तावों के अनुमोदन, मंजूरी,अनुमति में तेजी लाई जा रही है।

    • जिसके लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक निवेश बोर्ड का गठन किया गया है। जो मंत्री परिषद स्थान पर निवेश प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर रहा है। इसमें 14 विभागों के अधिकारियों को 136 प्रकार की सेवाएं प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया है।

    •  इस सुविधा को और प्रभावी व पारदर्शी बनाने के लिए राज निवेश पोर्टल (www.rajnivesh.rajasthan.gov.in) प्रारंभ किया गया है। इस पोर्टल पर निवेशक अपने आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं एवं स्वीकृतियां प्राप्त कर सकते हैं।

    4. राज उद्योग मित्र पोर्टल क्या है?

    इस पोर्टल का उद्देश्य राज्य में आजीविका, समावेशी, आर्थिक विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। पोर्टल का लिंक https://rajudyogmitra.rajasthan.gov.in है

    यदि कोई व्यक्ति नये सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यमों को प्रारम्भ करना या संचालित करना चाहता है, तो उसे एमएसएमई एक्ट 2019 के तहत राज्य में तीन साल तक किसी भी प्रकार की स्वीकृति लेने की आवश्यकता नहीं है। जिसकी अवधि अब 5 वर्ष तक बढ़ा दी गयी है।

    • उद्यमी राज उद्योग मित्र पोर्टल पर आधार नंबर के माध्यम से रजिस्टर करके 3 वर्ष तक का स्वीकृति पत्र प्राप्त कर सकता है । तीन साल की अवधि के लिए किसी भी कानून के तहत उसके उद्यम का निरीक्षण नहीं किया जाएगा।

    •  इस योजना में मुख्य रूप से उन व्यवसायियों को रजिस्ट्रेशन करने का लाभ प्राप्त होगा, जो नये व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।

    5. राजस्थान संपर्क पोर्टल क्या है?

    राजस्थान सम्पर्क पोर्टल आमजन को विभिन्न प्रकार की शिकायतों को दर्ज करने एवं समाधान प्रक्रिया की ट्रैकिंग के लिए एकीकृत मंच प्रदान करता है तथा विभागीय अधिकारियों को आमजन द्वारा दर्ज की गई शिकायतों के समाधान हेतु माध्यम प्रदान करता है।

    • शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण करने की प्रक्रिया, विभिन्न प्रकार के उपयोगकर्ताओं के लिए रिपोर्ट के माध्यम से शिकायतों की उचित ट्रैकिंग, सक्षम निगरानी करना और सभी विभागों के लिए शिकायत निवारण की समरूप और प्रमाणीकृत प्रक्रिया बनाना भी इसका उद्देश्य है।

    6. ई-मित्र क्या है?

    • राज्य में 85 हजार से अधिक ई-मित्र कियोस्क है। जिनके माध्यम से आमजन को सरकारी व गैर-सरकारी क्षेत्र की लगभग 475 नागरिकोन्मुखी सेवाएं प्रभावशाली एवं पारदर्शी तरीके से घर के नजदीक उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

    • आमजन द्वारा ई-मित्र की सेवाएं ई-मित्र कियोस्क, मोबाइल ऐप, ऑनलाइन पोर्टल एवं ई-मित्र प्लस मशीनों के माध्यम से भी प्राप्त की जा रही हैं।

    7. ई-मित्र प्लस क्या है?

    • ई-मित्र प्लस, ई-सेवा प्रदान करने में एक क्रान्तिकारी कदम है। मानवरहित स्वयंसेवी ई-मित्र प्लस कियोस्कों को सरकारी कार्यालयों, संगठनों, सार्वजनिक स्थानों एवं साथ ही गैर सरकारी स्थानों पर स्थापित किया गया है।

    • ई-मित्र प्लस भारत में अपनी तरह का पहला कियोस्क है। इन पर नकद, डेबिट, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग जैसी भुगतान की कई सुविधाएं हैं और बायोमेट्रिक के माध्यम से सभी सरकारी सेवाएं जैसे बिल आदि का भुगतान भी कर सकते हैं।

    • इन स्वचालित कियोस्कों से विभिन्न प्रमाण पत्र, ई कार्ड (आधार, जनआधार), पी.वी.सी. कार्ड पर जनआधार प्रिंट आदि की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, जन सुनवाई, सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार एवं राजकीय कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    • वर्तमान में लगभग 15 हजार ई-मित्र प्लस कियोस्क ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में स्थापित हैं।

    8. वीडियोवॉल क्या है?

    राज्य के प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं पंचायत समिति स्तर तक के निवासियों के लिये विभिन्न सरकारी नवाचारों, विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और लाइव इवेन्ट्स की ऑडियो-वीडियो स्ट्रीमिंग का प्रसारण करने के लिये वीडियोवॉल की स्थापना की गई है।

    • इस वीडियोवॉल पर स्वचलित सूचनाएं समय-समय पर प्रसारित होती हैं तथा कार्यक्रमों का दृश्य-श्रव्य प्रसारण होता है।

    9. राजवीसी क्या है?

    राजस्थान सरकार ने विभाग मुख्यालय, विभाग कार्यालयों, जिला मुख्यालयों, उपखण्ड, तहसील कार्यालयों, नगर निगमों और ब्लॉक मुख्यालयों में हार्डवेयर आधारित वीसी सेटअप स्थापित किये है। जोधपुर में एक डीआर साइट भी मौजूदा वीडियो कॉन्फ्रेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बनाई गई है ताकि पूरे राजस्थान में नेटवर्क विफल होने की स्थिति में उपयोगकर्ता के लिए निर्बाध वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का प्रबंध किया जा सके।

    •  राजस्थान / राजनेट नेटवर्क का उपयोग पूरे राजस्थान में अतिरिक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा की उपलब्धता के लिए किया जाता है। वीसी सुविधा के अलावा, राजस्थान सरकार ने राज्य में संभाग मुख्यालय स्तर पर एवं राज्य मुख्यालय जयपुर में दो और राजस्थान के बाकी संभाग मुख्यालयों उदयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा में इमर्सिव टेलीप्रेजेंस स्टूडियो भी स्थापित किए गए हैं।

    10. राजनेट क्या है?

    • ग्रामीण राजस्थान के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राजनेट परियोजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों के भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों को राजनेट कनेक्टिविटी द्वारा जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से ई-मित्र, ई-मित्र प्लस, आईपी टेलीफोन, वाई-फाई, स्काडा, बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट आदि को कनेक्टिविटी की सुविधा प्रदान की जा रही है।

    •  इस परियोजना का उद्देश्य राज्य इंटरनेट नेटवर्क का निर्माण करके राज्य में ग्राम पंचायत स्तर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाना है।

    11. राज वाईफाई क्या है?

    • राजस्थान सरकार द्वारा ग्राम पंचायत स्तर तक नागरिकों को मुफ्त इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाए जाने के उद्देश्य से राज वाईफाई परियोजना संचालित की जा रही है। वाइफाई की सुविधा सभी विभागीय मुख्यालयों एवं समस्त जिला मुख्यालयों में चरणबद्ध रूप से उपलब्ध करा दी गई है।

    12. राजस्वॉन क्या है?

    • भारत सरकार द्वारा मार्च, 2005 में देश भर के प्रत्येक राज्य में स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत राजस्थान सरकार द्वारा एनईजीपी की परियोजना के भाग के रूप में राज्य में डाटा, टेलीफोन और वीडियो संचार की सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क परिकल्पित किया गया है।

    • राजस्थान में राजस्वॉन परियोजना फरवरी, 2013 से निष्पादित की जा रही है। वर्तमान में राजस्वॉन नेटवर्क में 273 पॉइन्ट ऑफ प्रजेन्स स्थापित किये गए हैं जो राजस्थान राज्य में स्थित क्रमशः राज्य मुख्यालय से संभागीय मुख्यालयों, उनके जिला मुख्यालयों और उनके उपखंड मुख्यालयों से जुड़े हुए कार्यालयों का डाटा, टेलीफोन और वीडियो ट्रेफिक ले जाने की सुविधा प्रदान करता है।

    13. राज ई-वॉलेट क्या है?

    • राज ई-वॉलेट के माध्यम से राजस्थान प्रदेश के नागरिकों को अपने दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप से सुरक्षित रखने की सुविधा दी जा रही है। यह आधिकारिक दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों के साथ-साथ नागरिक के व्यक्तिगत दस्तावेज को सुरक्षित रखने का पोर्टल है।

    • इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य कागजी कार्यवाही की आवश्यकता को कम करना और अपने प्रमाणपत्र, दस्तावेजों को नागरिकों तक ऑनलाइन पहुंच प्रदान करना हैं।

    14. राज-काज पोर्टल क्या है? 

    • राज्य सरकार के सभी राजकीय विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्ड, कॉरपोरेशन इत्यादि में विभागीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करते हुए कर्मचारियों, अधिकारियों के हित में राजकाज (इन्टीग्रेटेड राज ई-ऑफिस) परियोजना प्रारम्भ की गई है।

    •  इसमें अवकाश प्रबंधन एवं अवकाश नकदीकरण का आवेदन, वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट, वार्षिक अचल सम्पत्ति विवरण, डाक प्रबंधन, फाइल प्रबंधन, अनापत्ति प्रमाण पत्र, राजकीय आवास प्रबंधन आदि सुविधा दी जा रही है।

    15. सिंगल साइन ऑन (SSO) क्या है?

    • राजस्थान सरकार की विभिन्न वेबसाइट्स एवं एप्लीकेशन्स का उपयोग करने के लिए सिंगल साइन ऑन (एसएसओ) बनाया गया है। इसमे एक ही स्थान पर विभिन्न विभागीय एप्लीकेशन्स का उपयोग सुगमता से किया जा सकता हैं।

    • इसके माध्यम से राजस्थान सरकार के अधिकारियों, कर्मचारियों, ई-मित्र संचालकों, निवेशकों एवं नागरिकों को एक डिजिटल पहचान दी जा रही है, जिसकी सहायता से उपयोगकर्ता विभिन्न विभागों की ऑनलाइन एप्लीकेशन का उपयोग कर रहे हैं।

    • सिंगल साइन ऑन (एसएसओ) के द्वारा वर्तमान में लगभग 2.60 करोड़ आइडेंटिटी एवं 257 जीटूजी, 166 जीटूसी/जीबी एप्लिकेशंस उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

    16. राजस्थान राज्य डाटा सेंटर RSDC (आर.एस.डी.सी) क्या है?

    • राजस्थान राज्य डाटा सेंटर राज्य के विभागों, एजेंसियों को कुशल इलेक्ट्रॉनिक सेवा प्रदान करता है। यह डाटा सेंटर डाटा प्रबंधन, केंद्रीय संग्रह, आईटी प्रबंधन, संचालन और रखरखाव की समग्र लागत को कम करने के लिए कार्यरत है।

    • आर.एस.डी.सी. के पास 800 रैक की कुल क्षमता-4 डाटा सेंटर, जयपुर और 1 डीआर साइट, जोधपुर में स्थापित है।

    • यह भारत का सबसे बड़ा सरकारी स्वामित्व वाला डाटा सेंटर है। मुख्यमंत्री के बजट भाषण 2021-22 के क्रम में, राज्य सरकार ने स्टेट डाटा सेंटर की सेवाओं को अन्य राज्य सरकार और केंद्र सरकार के विभागों, पीएसयू, एजेंसी, संगठन, स्टार्टअप्स और निजी क्षेत्रों को सशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया है।

    17. बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम क्या है?

    प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने के लिए ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम विकसित किया गया है।

    • यह आईटी आधारित वर्कफ्लो सिस्टम है, जो आवेदन जमा करने से लेकर, अनुमति पत्र प्रदान करने तक का संपूर्ण ऑनलाइन समाधान प्रदान करता है।
    • इस सिस्टम को राज्य के 3 विकास प्राधिकरणों एवं राज्य की 14 यूआईटी और 216 यूएलबी में लागू किया गया है।

    18. आई स्टार्ट क्या है?

    • इस पोर्टल istart.rajasthan.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करवाने पर स्टार्टअप्स को उनके रचनात्मक आइडियाज पर चयनित किया जाता है। आईडिया चयनित होने पर हर माह ग्रांट प्रदान की जाती है। यह रजिस्ट्रेशन पूर्णतया निःशुल्क हैं, इसके बाद चयनित स्टार्टअप्स को अपने व्यवसाय के पहले वर्ष तक इन्क्यूबेशन सेंटर की सभी सुविधाएं एवं मार्गदर्शन निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है।

    • एक वर्ष के बाद सरकार की न्यूनतम दरों पर स्टार्टअप्स को समुचित सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान है।

    19. ई-संचार पोर्टल क्या है?

    •  ई-संचार पोर्टल के अंतर्गत किसी भी विभाग की सरकारी योजना की सूचना अथवा नोटिफिकेशन लाभार्थी आवेदनकर्ता तथा सरकारी कर्मचारियों को टेक्स्ट मैसेज या वॉइस कॉल के माध्यम से भेजा जाता है।

    20.आई फेक्ट क्या है?

    • आईफेक्ट का प्रयोग राजस्थान संपर्क के अंतर्गत रियलिटी चैक करने के लिए किया जाता है।

    21. हिंदी ईमेल क्या है?

    राजस्थान अपने नागरिकों को हिंदी में ईमेल की सुविधा उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य है। इसकी शुरुआत डिजीफेस्ट में की गई थी।

    22. राज बायोस्कोप क्या है?

    राज बायोस्कोप राज्य सरकार का वीडियो शेयरिंग पोर्टल है। इस पर इंटरनेट के माध्यम से वीडियो साझा किए जा सकते हैं।

    सूचना प्रौद्योगिकी से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य

    1. राजीव गांधी सेंटर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी (आर-कैट) कहाँ स्थित है? - जयपुर।

    2. राजीव गांधी फिनटैक इंस्टीट्यूट कहाँ है - जोधपुर।

    3. राजस्थान में वर्ल्ड क्लास इन्क्यूबेशन सेंटर कहाँ स्थापित किये गए है :- जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, चुरू, भरतपुर, पाली।

    4. राजस्थान इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस लर्निंग कहां है - जयपुर।

    5. राजीव गांधी फिनटैक डिजिटल यूनिवर्सिटी कहाँ है - जोधपुर। इसकी घोषणा 2021-22 में की गई थी। यह राजस्थान की पहली व देश की दूसरी डिजिटल यूनिवर्सिटी है।

    6. राजस्थान में पुलिस यूनिवर्सिटी कहाँ है - जोधपुर।

    सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग का इतिहास

    • राज्य में कंप्यूटर निदेशालय की स्थापना की गई - 1987। 30 सितंबर 1997 को इसका नाम बदलकर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग कर दिया गया। इसके पश्चात मई 2002 में इसका नाम बदलकर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C) कर दिया गया।

    • राजस्थान स्टेट कंप्यूटर सर्विसेज (RSCS) की स्थापना कब की गई - 1989।

    • राजस्थान इन्फो सर्विसेज लिमिटेड (RISL) की स्थापना कब की गई - 2010।