इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना | Indira Gandhi Urban Credit Card Scheme




प्रारंभ:-

6 अगस्त 2021 को बजट घोषणा वर्ष 2021-22 की अनुपालना में।

अवधि:-

31 मार्च 2022

उद्देश्य:-

शहरी क्षेत्र के स्ट्रीट वेन्डर्स तथा सर्विस सैक्टर्स के युवा‌ओं तथा बेरोजगारो को स्वरोजगार एवं रोजमर्रा की जरूरतो को पूरा करने के लिए यह योजना प्रारंभ की गयी है।

लक्ष्य:-

इस योजना का लक्ष्य स्ट्रीट वेण्डर्स, अनौपचारिक क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाने वाले लोग जैसे कि हेयर ड्रेसर, रिक्शावाला, कुम्हार, खाती,मोची, मिस्री, दर्जी, धोबी, रंग पेन्ट करने वाले,नल-बिजली मरम्मत करने वाले इत्यादि एवं बेरोजगार युवाओ को आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर पुर्नस्थापित करना है।

देय लाभ:-

• योजनान्तर्गत व्यापारिक गतिविधियों हेतु लाभार्थी की विभिन्न आवश्यकताओ के लिए बिना किसी गारंटी के, ब्याज रहित माइक्रो क्रेडिट सुविधा प्रदान की जाती है।

• इसमें एक वर्ष के लिए अधिकतम 50000/- रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। ब्याज हेतु शत प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार उपलब्ध कराती है।

• योजना द्वारा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर 5 लाख लोगों को लाभान्वित किया जायेगा।

पात्रता:-

राजस्थान में शहरी क्षेत्र के स्थायी निवासी पात्र है।

• 18-40 वर्ष की आयु के युवा पात्र है।

• गलियो में कार्य करने वाले वह व्यापारी जिन्हें शहरी निकाय द्वारा विक्रय हेतु प्रमाण पत्र/पहचान पत्र दिया गया है।

• ऐसे विक्रेता जिन्हें शहरी विकास द्वारा सर्वे में चयनित किया गया था। लेकिन किसी कारण से प्रमाण पत्र/ पहचान पत्र जारी नही किया जा सका, वह पात्र होगा।

• ऐसे विक्रेता जो शहरी विकास के सर्वे मे छूट गये थे तथा जिन्होंने सर्वे के बाद व्यापार प्रारंभ किया है। लेकिन उन्हें स्थानीय शहरी निकाय (ULB)/ टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा रिकमेंडेशन लेटर दिया गया है। वह पात्र होंगे।

• ऐसे विक्रेता जो शहरी निकाय की भौगोलिक परिधि मे पेरी- अर्बन क्षेत्र / ग्रामीण क्षेत्र मे कार्यरत है तथा जिन्हें स्थानीय शहरी निकाय (ULB) / टाउन वैडिंग कमेटी द्वारा सिफारिश पत्र (रिकमेंडेशन लेटर) दिया गया है। पात्र होगे।

• जिला कलेक्टर स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अन्य सेवाओं में कार्यरत लोगों को चिन्हित कर योजना मे सम्मिलित कर सकते है।

• स्थानीय विक्रेता जिनके पास स्थानीय निकाय द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र नहीं है। उनकी सम्बन्धित SDM द्वारा सिफारिश किये जाने पर पात्र होगे।

• जिला रोजगार केन्द्र में पंजीकृत बेरोजगार युवा जिन्हें बेरोजगारी भत्ता नही मिल रहा है, पात्र होंगे।

अपात्रता के मापदंड:-

• आवेदक की मासिक आय 15000/- या अधिक हो तो पात्र नही होगे।
• आवेदक की कुल पारिवारिक मासिक आय 50000/- या अधिक हो तो पात्र नहीं होंगे।

प्रमुख बिन्दु:-

• योजना केवल शहरी निकाय (नगर निगम/ नगर परिषद/ नगर पालिका) में ही लागू है।

• योजना का क्रियान्वयन स्वायत्त शासन विभाग द्वारा किया जायेगा।

• SC/ST/OBC वर्ग के लाभार्थियों के लिए योजना का क्रियान्वयन अनुजा निगम (राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति, वित्त एवं विकास, सहकारी निगम लिमिटेड) द्वारा किया जाता है।

• योजना में ऋण के मोरेटोरियम की अवधि 3 माह है तथा ऋण पुनर्भुगतान की अवधि 12 माह है।

• जिला स्तर पर योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

• उपखण्ड क्षेत्र में कार्य कर रहे अथवा व्यापार कर रहे लोगों का सत्यापन SDM द्वारा किया जाता है।

• लाभार्थी द्वारा ऋण राशि 25000 रुपये होने पर, का भुगतान चौथे माह से 15 वे माह तक 12 समान मासिक किस्तों में तथा ऋण राशि रुपये 25000/- से अधिक व 50000/- रुपये तक होने पर, का भुगतान चौथे से 21 महीने तक 18 समान मासिक किस्तों में किया जाता है।

• जिला कलेक्टर द्वारा जिले को आवंटित कुल लक्ष्य संख्या के आधार पर प्रत्येक वर्ग के स्ट्रीट वेंडर, बेरोजगार युवा / अनोपचारिक सेवा व्यापार से जुड़े लोगो की पहचान की जाती है।

• योजना मे ब्याज की दर 10% प्रतिशत निर्धारित है। जिसका शत प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। इसी के साथ CGTMSE (Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises) की फीस जो कि 0.85% से 2% तक होती है, जिस पर GST अलग से देय होता है, का भुगतान भी राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।

• योजना मे 5 प्रकार के बैंक/ वित्तीय संस्थाओं को शामिल किया गया है:-
1. Schedual Commercial Bank
2. Regional Rural Bank
3. Small Finance Bank
4. Cooperative Bank
5. Non - Bank Finance Companies

• क्रेडिट कार्ड/ डेबिट कार्ड द्वारा रुपये 50000/- तक की राशि एक या अधिक किस्तों में आहरित की जा सकती है।

• ऋण दाता संस्थान द्वारा ऋण स्वीकृत करने हेतु आवेदन प्राप्ति के बाद 25 दिन निर्धारित किये गये है। जो कि निम्नानुसार है:-

1. नोडल अधिकारी द्वारा आवश्क जांच पुरी करने हेतु :- 15 कार्य दिवस।
2. संबंधित ऋणदाता संस्थान द्वारा जांच करने एवं ऋण स्वीकृत करने हेतु:- 7 कार्य दिवस।
3. क्रेडिट कार्ड की डिलवरी हेतु:- 3 कार्य दिवस।

• योजना मे प्राप्त आवेदन पत्रो हेतु स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गयी है। जो निम्न अनुसार है- आयुक्त / अधिशासी अधिकारी या नगर निकाय द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि चैयरमेन होगा तथा शेष सदस्य होंगे - अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र का प्रतिनिधि, संबंधित बैंक का वरिष्ठ/शाखा प्रबंधक, जिला परियोजना अधिकारी / नगर निकाय द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि, स्ट्रीट वेंडर्स श्रेणी के आवेदकों के लिए ऊपरी आयु सीमा निर्धारित नहीं है।