मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना 2019 | MLUPY Scheme 2019


मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना


अधिसूचना जारी:-

13 दिसंबर 2019

प्रभावी अवधि:-

17 दिसंबर 2019 से 31 मार्च 2024 तक।

उद्देश्य:-

सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित करने तथा वर्तमान उद्यमों के विस्तार, आधुनिकरण एवं विविधीकरण के लिए वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाने हेतु योजना प्रारंभ की गई।

देय लाभ:-

उद्यमियों को 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत, 5 करोड़ रूपये तक के ऋण पर 6% तथा 10 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 5% ब्याज का अनुदान दिया जाता है।

पात्रता:-

(i) व्यक्तिगत व्यक्ति व संस्थागत आवेदक (स्वयं सहायता समूह, सोसायटी, भागीदारी फर्म, LLP फर्म, कम्पनी) पात्र है।

(ii) आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।

(iii) संस्थागत आवेदक का नियमानुसार पंजीकृत होना आवश्यक है।

ऋण देने वाली वित्तीय संस्थाएं:-


• राष्ट्रीयकृत वाणिज्यिक बैंक।
• क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक।
• राजस्थान वित्त निगम।
• सिडबी।
• RBI द्वारा प्राधिकृत निजी क्षेत्र के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक तथा अनुसूचित स्मॉल फाइनेंस बैंक।
• अरबन को-ऑपरेटिव बैंक।

प्रमुख बिन्दु:-


• कृषि आधारित सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों को 25 लाख रूपये के ऋण पर 9% व्याज का अनुदान दिया जाता है।

• योजना का क्रियान्वयन जिला स्तर पर जिला उद्योग केन्द्र द्वारा किया जाता है तथा राज्य स्तर पर योजना का क्रियान्वयन व पर्यवेक्षण कार्यालय आयुक्त उद्योग करता है। यह नोडल एजेंसी भी हैं।

• योजनान्तर्गत ऋण का विरूप कम्पोजिट ऋण/ सावधि ऋण एवं कार्यशील पूंजी (सी.सी. लिमिट सहित) होता है।

• व्यापार में वाणिज्यिक उत्पादों के थोक/खुदरा में क्रय विक्रय हेतु ऋण की अधिकतम सीमा एक करोड़ है।

• यदि बैंक ऋण पर देय ब्याज दर योजनांतर्गत ब्याज अनुदान की दर के बराबर या कम है तो शत प्रतिशत ब्याज का अनुदान देय होगा।

• ब्याज अनुदान की राशि का दो तिहाई हिस्सा सूक्ष्म उद्योगो को दिये जाने की प्राथमिकता निर्धारित है।

• नए उद्यम की स्थापना हेतु अधिकतम 10 करोड रूपये तथा पूर्व से विद्यमान उद्योगो के विस्तार, विविधकरण एवं आधुनिकरण हेतु अधिकतम 1 करोड रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

• बुनकर कार्ड धारक बुनकरो के एक लाख रूपये तक के ऋण तथा हस्त शिल्प / दस्तकार / शिल्पी कार्ड धारको के 3 लाख रु तक के ऋण पर ब्याज का शत प्रतिशत पुनर्भरण अनुदान दिया जाता है।

• योजना मे यथासंभव 30% महिला उद्यमियों को ऋण प्रदान करवाने मे सहयोग एवं प्राथमिकता दी जाती है।

• योजना मे ऋण "प्रथम आओ, प्रथम पाओ" के सिद्धान्त पर दिया जाता है।
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