डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना-2022


डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना-2022 उद्योग विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। राजस्थान राज्य के औद्योगिक विकास में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस योजना का शुभारंभ 27 अक्टूबर 2022 को किया गया है। 
राज्य सरकार की बजट घोषणा की अनुपालना में उद्योग विभाग ने 8 सितंबर, 2022 को इस योजना की अधिसूचना जारी कर दी थी।

 

योजना का उद्देश्य:-
इस योजना का उद्देश्य राज्य के गैर-कृषि क्षेत्रों (विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार) के विकास में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गाे की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना, उद्यमिता एवं दक्षता संवर्द्वन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों में कौशल एवं उद्यमिता का विकास करना, लक्षित वर्गों की शिक्षित युवा पीढी के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित कर शहरों की ओर हो रहे पलायन को रोकना, लक्षित वर्गों की आय में वृद्धि करते हुये उनके जीवन स्तर को उन्नत बनाना है।

योजना में प्रदत्त लाभ:-
इस योजना के अंतर्गत उद्यमियों को 25 लाख रुपए तक के ऋण पर 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा 5 करोड रुपए तक के ऋण पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ ही 25 लाख रुपए तक की सीमा में प्रोजेक्ट लागत का 25 प्रतिशत तक मार्जिन मनी का भी प्रावधान किया गया है। जिससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के निवेशक नए उद्योग लगाने और सेवा क्षेत्र में तथा व्यापार के लिए भी प्रेरित हो।

राज्य सरकार के प्रयास:-
• इस योजना के अंतर्गत डिक्की एवं सीआईआई के सहयोग से 100 करोड़ रुपए की लागत का इंक्यूबेशन सेन्टर स्थापित किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति व जनजाति के युवाओं को उद्यम स्थापित करने, संचालित करने सहित सभी आवश्यक आवासीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

• रीको के औद्योगिक क्षेत्रों में इन वर्गों के उद्यमियों को आवंटन देय आरक्षण की सीमा को भी 5 से बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया गया है। इसके अतिरिक्त आवंटित होने वाले भूखंडों की निर्धारित सीमा 2000 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4000 वर्ग मीटर की गई है तथा भूमि आवंटन हेतु नीलामी व्यवस्था की जगह आरक्षित दर पर अनुसूचित जाति व जनजाति के उद्यमियों को सीधे ही भूखंड आवंटित किये जायेगे एवं किस्तों पर आवंटित होने वाले भूखंडों पर कोई भी ब्याज वसूल नहीं किया जाएगा।

• इसके अलावा चयनित उद्यमों में रीको या राजस्थान वेन्चर कैपिटल फंड के माध्यम से 10 प्रतिशत अधिकतम 25 लाख रुपए की भागीदारी की व्यवस्था की जाएगी।

• इस योजना में चयनित उद्यमियों को बैंकों को ऋण प्राप्त करने के लिए कोलेट्रल सिक्योरिटी भी नहीं देनी होगी क्योंकि बैंकों को ऋण की गारंटी के लिए भारत सरकार द्वारा उपलब्ध क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फंड फॉर माइक्रो स्मॉल एन्टरप्राइजेज कोष में गारंटी फीस का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

• अनुसूचित जाति व जनजाति वर्गों के उद्यमियों को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019 के अंतर्गत उद्यम स्थापित करने से पूर्व क्रय किए गए भूखंडों पर स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट तथा भूमि रूपान्तरण शुल्क में भी 100 प्रतिशत की छूट उपलब्ध होगी।

• उद्यम संचालित होने के बाद इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट के साथ इकाई द्वारा निवेश की गई राशि की 200 प्रतिशत की सीमा में 7 वर्षों तक चुकाए गए समस्त एसजीएसटी राशि का पुनर्भरण किया जाएगा।

• राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019 में थ्रस्ट सेक्टर्स हेतु न्यूनतम निवेश की सीमा इन उद्यमियों के लिए 50 प्रतिशत कर दी गयी है, जिससे अधिकाधिक उद्यम लाभान्वित हो सकें।

• योजना में आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं ऑनलाइन किया गया है। आगामी 5 वर्षों में 9 हजार उद्यमियों को लगभग 1200 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

 • वित्तीय वर्ष 2022-23 में समस्त जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्रों को सम्बन्धित वर्ग के उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने हेतु 1000 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

योजना में पात्रता:-
• आवेदक राजस्थान मूल का हो, जो अनुसूचित जाति या अनूसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित हो और आवेदन के समय उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो।

• केन्द्र अथवा राजकीय सेवा अथवा केन्द्रीय या राजकीय संस्थानों में कार्यरत नहीं हो।

• भागीदारी, एलएलपी फर्म्स, सहकारी समिति एवं कम्पनी के मामलों में आवेदक संस्थान में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के व्यक्तियों का 51 प्रतिशत अथवा अधिक स्वामित्व हो।

• आवेदक पूर्व में बैंक या वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण के भुगतान में डिफाल्टर ना रहा हो और मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं दिवालिया घोषित न हो।