राजस्थान जन आधार योजना 2019
• जन आधार योजना की शुरुआत 18 दिसंबर 2019 को की गई।• मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संशोधित बजट 2019-20 (अनुच्छेद संख्या 141) में इसकी घोषणा की थी।
उद्देश्य:-
1. राज्य के निवासी परिवारों की जन सांख्यिकीय एवं सामाजिक आर्थिक सूचनाओं का डेटा बेस तैयार कर प्रत्येक परिवार को एक नम्बर, एक कार्ड, एक पहचान प्रदान करना है। जिसे परिवार एवं उसके सदस्यों की पहचान (Proof of Identity) तथा पते (Proof of Address) के दस्तावेज के रूप में मान्यता प्रदान करना है।
2. नकद लाभ प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से तथा गैर नकद लाभ आधार/जन आधार अधिप्रमाणन के उपरांत प्रदान करना है।
3. राज्य के निवासियों को जन कल्याण की योजनाओ के लाभ उनके घर के समीप उपलब्ध कराना तथा ई-कॉमर्स और बीमा सुविधाओं का ग्रामीण क्षेत्रो में विस्तार करना है।
4. ई-मित्र तंत्र के विनियमन द्वारा नियंत्रण एवं प्रभावी संचालन करना।
5. महिला सशक्तिकरण एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।
6. सरकार द्वारा प्रदत्त जन कल्याण के लाभो की योजनाओ हेतु परिवार/परिवार के सदस्यों की पात्रता का निर्धारण करना।
7. विभिन्न योजनाओं के लाभ प्राप्ति के समय आधार अधिप्रमाणन को लाभार्थी के जीवितता प्रमाण पत्र के रूप में मान्यता प्रदान करना।
8. राज्य में विद्यमान तकनीकी तथा इलेक्ट्रॉनिक ढांचे का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण किया जाना है।
प्रमुख बिन्दु:-
• राजस्थान सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ सरलता, सुगमता एवं पारदर्शी रूप से आमजन तक पहुंचाने के लिए "एक नम्बर, एक कार्ड व एक पहचान" की विचारधारा के साथ योजना की शुरुआत की गई। जन आधार संख्या का उद्देश्य एक परिवार औऱ एकल व्यक्ति की पहचानकर्ता होना है।
• पात्रता:- राजस्थान राज्य के समस्त निवासी पंजीयन कराने एवं जन आधार कार्ड प्राप्त करने हेतु पात्र है।
• योजना के क्रियान्वयन हेतु "राजस्थान जन आधार प्राधिकरण अधिनियम 2020" बनाया गया।
• योजना के क्रियान्वयन के लिए स्वतंत्र राजस्थान जन आधार प्राधिकरण का गठन किया गया है।
• योजना का क्रियान्वयन आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के बजट मद में प्रावधित राशि से किया जायेगा।
• योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तर पर आयोजना विभाग, प्रशासनिक विभाग है तथा राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड, जयपुर क्रियान्वयन एजेन्सी है। राज्य स्तर पर निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, बजट नियंत्रण एवं प्रभारी अधिकारी होंगे।
• जिला स्तर पर जिला कलेक्टर जिला जन आधार योजना अधिकारी है व उप निदेशक (एसीपी) जिला सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग अतिरिक्त जिला जन आधार योजना अधिकारी (तकनीकी) तथा उप/सहायक निदेशक, जिला आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग अतिरिक्त जिला जन आधार योजना अधिकारी होंगे।
• ब्लॉक स्तर पर उपखंड अधिकारी (SDM) जन आधार योजना अधिकारी है व विकास अधिकारी/ ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी, अतिरिक्त ब्लॉक जन आधार योजना अधिकारी होंगे तथा ब्लॉक स्तर प्रोग्रामर अतिरिक्त ब्लॉक जन आधार योजना अधिकारी (तकनीकी) होंगे।
• योजना में नामांकित परिवार को एक 10 अंकीय परिवार पहचान संख्या प्रदान की जाती है। जिसमे मुखिया सहित प्रत्येक सदस्य की 11 अंकीय व्यक्तिगत पहचान संख्या अंकित होती है।
• भारत सरकार ने 9 मई 2020 को जन आधार कार्ड को पहचान (PoI), पते (PoA) तथा सम्बन्ध के दस्तावेज के रूप में मान्यता प्रदान की है।
• वर्तमान में जन आधार से 70 योजनाएं जुड़ी हुई है।
• जन आधार कार्ड में परिवार की मुखिया महिला को चुना जाता है। जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
• इसमे परिवार द्वारा निर्धारित 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला को परिवार की मुखिया बनाया जाता है। यदि परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला नही है तो 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का पुरूष मुखिया हो सकता है। दोनों ही स्थितियां लागू न होने पर परिवार में अधिकतम आयु का कोई भी सदस्य परिवार का मुखिया होगा।
• योजना के क्रियान्वयन से राजस्थान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) में पूरे देश मे चौथे स्थान पर है।
• जन आधार कार्ड से आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभ भी प्राप्त हो रहे है।
• जन आधार योजना में ई-मित्र को प्राधिकरण के अधीन लाया गया है।
• विभिन्न प्रकार के परिवार कार्डो (जैसे राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड इत्यादि) के स्थान पर राज्य के निवासी परिवारों को एकबारीय नि:शुल्क जन आधार परिवार कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। जो बहुउद्देश्यीय कार्ड है।
• योजना में सरकार द्वारा देय समस्त पारिवारिक नकद लाभ मुखिया के बैंक खाते में हस्तांतरित किये जायेंगे तथा व्यक्तिगत नकद लाभ सम्बन्धित लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित किये जायेंगे। यदि लाभार्थी का बैंक खाता नहीं है तो परिवार के मुखिया के बैंक खाते में हस्तांतरित किये जायेंगे।
• योजना में पात्रता अनुसार देय सभी पारिवारिक गैर नकद लाभ परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य तथा व्यक्तिगत गैर नकद लाभ सम्बन्धित लाभार्थी (अवयस्क लाभार्थी होने की स्थिति में परिवार के मुखिया) स्वयं के आधार अधिप्रमाणन के बाद प्राप्त कर सकेगा।
• राजस्थान जन आधार योजना के तहत निम्नलिखित पंजीयन सम्मिलित किये गये है:-
(i) जन्म आधार पंजीयन
(ii) जन्म मृत्यु पंजीयन
(iii) विवाह पंजीयन
(iv) आधार पंजीयन
